Saturday, January 15, 2011



यारो कभी महोबत न करना - बड़ी बेरुखी है,

राँझे की याद में हीर की आंखें मर कर भी खुली है,


चाहत सपने दिखाती है आसमा छूने के,


दर - दर ठोकर खाती है महोबत हर कोने में,

झूट नहीं की इसने सबको स्वर्ग का रास्ता दिखाया,

पर जो मिले मरकर उन्होंने क्या पाया ...

Wednesday, January 12, 2011

DOSTI


लाखो की भीड़ में तुमने था हाथ थमाया,
इस झरने से मन्न को किनारे तक  तुमने पहुचाया,

चाँद से सूरज की दूरी का एहसास कराया,
जहा डूब रही थी मैं वाही नाव लाकर तुमने मुझे बचाया,

जब थामा तुम्हारा हाथ तो अजब सा एहसास मैंने पाया,
प्यार की डोर से तुमने ये रिश्ता निभाया,

शुक्रिया उस खुदा का जिसने तुम्हे बनाया,
क्योंकि क्या है दोस्ती का प्यार यह तुमने मुझे बतलाया,

इन हकलाते कदमो को तुमने सीधा चलना सिखाया,
शुक्रिया ए दोस्त मेरे क्योंकि इस दोस्ती के सफ़र में तूने हमें हमसफ़र बनाया...

I m Still Waiting...

सूनी राहों पर ढूंडा तुम्हे,
शांत चौराहों पर ढूंडा तुम्हे,

पेड़-पोधो से पूछा पता,
कंकड़-दीवारों से किया पता,

धूल भरे पत्ते से जानना चाहा,
सड़क के खम्बे से जानना चाहा,

फिर उस मोड़ से आइ सिसक भरी आहट,
मिटा गई तुम्हे पाने की वो चाहत,

उस मोड़ से आइ वो बेरूख हवा,
बता गई मुझे वो तुम्हारा पता,
मिल गया इसी धूल में वो उसे था पता, 

उस खुले आसमा पर हमने ठहराई नज़र,
इसी आस में शायद तुम आओगे नज़र,

वक़्त का पहिया अगर घूमा नही होता,
ये काया पलट फिर हुआ नही होता.
और आज हमने तुम्हे पा लिया होता,

अगर मिलन नसीब में लिखा नही होता,
तो थोड़ा सा वक़्त और हमें मिल गया होता,
कम से कम एक नज़र भर तुम्हें देख तो लिया होता....