Wednesday, January 11, 2012

My First Love/Crush....!!!????

In your dreams the all I gain,
thats all the happiness apart of sane,
I laughed - I smiled,
to be kind of you - is all what I tried,
you gave me the spark
and the wings to fly,
its only for you - I tried to jump high,


I knew, you might not be mine
and tried alot, to be far away from your shine,
dont know of whose
but feather of love touches,
again I roam in the bunch of crushes,


the same I dreamed abt u ever
to be of you forever and ever,
I always recall your words,
which u said to me never,
and like a dream my happiness didn't last forever,


I gave you my whole life
without knowing, whether you will be mine,
the same unexpected happen
the dream of living with u remained a dream forever.... .... ....

Only for You..

I have never seen you,
still I can feel you,
I have never heared you,
still I can follow you,
its only for you - I am waiting for
and never being committed to other one...

Tuesday, January 10, 2012

Tadap...

जाने किसकी लाश थी वो,
जो कबर पर पड़ी रही,
ना ज़िन्दगी मिली उसे मौत क लिए वो तड़पती रही,
पल -पल कुछ ऐसा जली वो
की ना दफ़न हुई ना आग मिली ....

Dard...

खुदा  ने ऐसा क्यों किया ,
चाह था जिसको
उसी को ही जुदा क्यों किया ,
किया जो मैंने खुद से प्यार
तो ज़माने ने मुझे पत्थर क्यों बना दिया ,
सूरत देखि जो आइने में अपनी
तो आइने ने भी मुझे रुला दिया ,

इतनी असा ख़तम न हुई थी मेरी ज़िन्दगी
मौत ने भी हिला दिया ,
ज़िन्दगी ने तो जलाया ही था
गहरे दर्द ने दफन होने न दिया
अपनी मौत के बाद भी खुदा ने साथ न दिया
ज़िन्दगी का पता नही और कफ़न में आस्क छुपा दिया .......

Saturday, January 15, 2011



यारो कभी महोबत न करना - बड़ी बेरुखी है,

राँझे की याद में हीर की आंखें मर कर भी खुली है,


चाहत सपने दिखाती है आसमा छूने के,


दर - दर ठोकर खाती है महोबत हर कोने में,

झूट नहीं की इसने सबको स्वर्ग का रास्ता दिखाया,

पर जो मिले मरकर उन्होंने क्या पाया ...

Wednesday, January 12, 2011

DOSTI


लाखो की भीड़ में तुमने था हाथ थमाया,
इस झरने से मन्न को किनारे तक  तुमने पहुचाया,

चाँद से सूरज की दूरी का एहसास कराया,
जहा डूब रही थी मैं वाही नाव लाकर तुमने मुझे बचाया,

जब थामा तुम्हारा हाथ तो अजब सा एहसास मैंने पाया,
प्यार की डोर से तुमने ये रिश्ता निभाया,

शुक्रिया उस खुदा का जिसने तुम्हे बनाया,
क्योंकि क्या है दोस्ती का प्यार यह तुमने मुझे बतलाया,

इन हकलाते कदमो को तुमने सीधा चलना सिखाया,
शुक्रिया ए दोस्त मेरे क्योंकि इस दोस्ती के सफ़र में तूने हमें हमसफ़र बनाया...

I m Still Waiting...

सूनी राहों पर ढूंडा तुम्हे,
शांत चौराहों पर ढूंडा तुम्हे,

पेड़-पोधो से पूछा पता,
कंकड़-दीवारों से किया पता,

धूल भरे पत्ते से जानना चाहा,
सड़क के खम्बे से जानना चाहा,

फिर उस मोड़ से आइ सिसक भरी आहट,
मिटा गई तुम्हे पाने की वो चाहत,

उस मोड़ से आइ वो बेरूख हवा,
बता गई मुझे वो तुम्हारा पता,
मिल गया इसी धूल में वो उसे था पता, 

उस खुले आसमा पर हमने ठहराई नज़र,
इसी आस में शायद तुम आओगे नज़र,

वक़्त का पहिया अगर घूमा नही होता,
ये काया पलट फिर हुआ नही होता.
और आज हमने तुम्हे पा लिया होता,

अगर मिलन नसीब में लिखा नही होता,
तो थोड़ा सा वक़्त और हमें मिल गया होता,
कम से कम एक नज़र भर तुम्हें देख तो लिया होता....